Tuesday, 25 April 2017

खदेरन की बक-बक : न्याय की अवधारणा क्या है?क्या ईश्वरीय न्याय का अस...

खदेरन की बक-बक : न्याय की अवधारणा क्या है?
क्या ईश्वरीय न्याय का अस...
: न्याय की अवधारणा क्या है? क्या ईश्वरीय न्याय का अस्तित्व है अथवा पीड़ित/कमजोर के मन की सन्तुष्टी मात्र है ? सन्दर्भ :- आज सुबह सुबह अखबार ...

खदेरन की बक-बक :                      फेसबुक चौक  पर की बतकही तमाम ...

खदेरन की बक-बक :                      फेसबुक चौक  पर की बतकही तमाम ...:                      फेसबुक चौक  पर की बतकही  तमाम प्रियजनों एवम् शुभेक्षु बंधुओ साल 2009 से फेसबुक यूज कर रहा हूँ, आजतक न किसी को अन्फ...

Saturday, 22 April 2017

न्याय की अवधारणा क्या है?
क्या ईश्वरीय न्याय का अस्तित्व है अथवा पीड़ित/कमजोर के मन की सन्तुष्टी मात्र है ?
सन्दर्भ :- आज सुबह सुबह अखबार मे दिखा ट्रिपल मर्डर केस मे शहबुदीन बरी
तकरीबन 27 साल पहले लौहनगरी जमशेदपुर ( टाटा)सरेआम 3 लोगो को गोलियों से भुन गया दिया गया था। इसमे शायद कुल 4 आरोपी थे।
रामा सिंह - वर्तमान मे वैशाली से सांसद 
शहबुदीन - किसी परिचय के मुहताज नही
साहेब सिंह - इस घटना के बाद टाटा के स्थापित माफिया बन गए थे पुलिस मुठभेड़ मे मारे ज चुके है।
वीरेंद्र सिंह -यूपी मे हत्या हो चुकी है।
सनद रहे कोर्ट सबूतो ओर गवाहों के आधार पर फैसला सुनाती है।

                     फेसबुक चौक  पर की बतकही 

तमाम प्रियजनों एवम् शुभेक्षु बंधुओ साल 2009 से फेसबुक यूज कर रहा हूँ, आजतक न किसी को अन्फ्रेंड किया न ब्लॉक !! (सबको रिकुस्ट भेजा जो स्वीकार किया उसका आभार जो न किये उनका साभार )
हमारे लिय फेसबुक सोसल हैंग आउट है ।
सामान्य हँसी मजाक करने की जगह बिना किसी को आहत किये।
कुछ सुनने कुछ सुनाने का मंच ।
अगर आप अपने विचारधारा से बंधे बन्द दिमाग के व्यक्ति है तो हम आपके लिए उपयुक्त पात्र नही , तम्माम भसडो के बाबजूद हमसे बंधे रह सकते है। हम आपको झेल लेते है तो आपको भी हमे झेलना पड़ेगा ।
हम 40 पार युवा है जिनकी पर्तिब्धताए रोजी रोटी परिवार प्रथम है , उसके बाद आता है समाज । करान्ति करने लायक ऊर्जा अपने पास नही है।
लड़ने के बहुत कारण मौजूद है निजी जिंदगी मे पैसा -जमीन आदि इत्यादि।
यंहा सिर्फ दोस्ती मुहहबत ओर प्यारी प्यारी बातो के लिये स्पेस है।
तो आइये मिलते है